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View Full Version : meri kahani


rupalityagi
07-08-2009, 11:49 AM
मैं रुपाली हूँ और अभी शादी शुदा हूँ. अपनी सच्ची कहानी लिख रही हूँ जो कि मेरे साथ कॉलेज में हुई थी. मुझे कॉलेज के दिनों से ही लगता था कि जल्दी से शादी हो जाये. कोई मेरे बदन से खेले और बहुत बहुत बहुत प्यार करे. अमित मेरे कॉलेज में मेरे साथ ही पढता था. मुझसे बहुत दोस्ती थी उसकी और मैं भी उसे बहुत पसंद करती थी. हम दोनों बहुत समय साथ गुजारते थे. धीरे धीरे यह दोस्ती प्यार में बदल गई. मैं girls हॉस्टल में रहती थी और वो boys हॉस्टल में. हम साथ में movie देखने जाते थे. ज्यादातर रोमांटिक मूवी होती थी. मुझे लगता है उसका बहुत मन होता था पर वो कह नहीं पाता था. एक दिन शाम को हॉस्टल के बाहर मुझे bye कहने से पहले उसने मुझसे बहुत ही प्यार से पूछा कि क्या वो मुझे किस कर सकता है? इससे पहले हमने कभी किस नहीं किया था. मैंने उसे जलाने के लिए कह दिया कि नहीं तुम मुझे किस नहीं कर सकते हो. वो उदास हो गया और चुप चाप चला गया. इससे पहले मैंने उसके चेहरे पर इतनी उदासी कभी नहीं देखी थी. अगले कुछ दिन ऐसे ही चला, वो उदास होता और मैं पूछती रहती कि क्या बात है. वो हर बार टाल जाता. आखिरकार एक दिन मैंने परेशान होकर उससे पूछा ही लिया कि वो मुझे किस क्यों करना चाहता है. उसने कहा कि वो मुझसे प्यार करता है और मुझसे शादी करना चाहता है. मैंने कहा तो इसमें किस करने कि क्या जरूरत है. वो मुह फेरकर चला गया . मेरे हॉस्टल का टाइम हो गया था इसलिए मैं भी हॉस्टल में चली गई. रात को मैंने उसे बहुत मनाया पर उसका मूड बहुत ख़राब था. आखिरकार मैंने हार मान कर कहा कि कर लो किस. वो खुश हो गया और कहा कि वो कल मुझे पार्क में बहुत किस करेगा. उसने एक कोना दूंढ रखा है जहाँ कोई नहीं आता जाता.

अगला दिन कैसे आया और शाम तक कि बेचैनी मैंने कैसे काटी मैं बता नहीं सकती. फिर शाम के ५ बजे और वो मुझे साथ लेकर पार्क में गया. कुछ देर यूँही हमने बातें की फिर उसने मेरा हाथ अपने हाथों में लिया. मेरे करीब झुका और मेरे चेहरे के करीब आ गया. मैं थोडा घबरा रही थी इसलिए मैंने अपना चेहरा पीछे कर लिया. वो परेशान हो गया . कहने लगा कि देखो रुपाली अगर किस नहीं करवाना तो साफ़ साफ़ मना कर दो, मैं कुछ नहीं करूंगा और अगर करवाना है तो करने दो. मैंने मिन्नत की कि अमित देखो थोडा अँधेरा हो जाने दो. वो नहीं माना. खैर मैंने कहा कि कर लो. अब उसने एक हाथ मेरी गर्दन के पीछे रखा और मुझे अपनी ओर खींच लिया. अपना चेहरा मेरे नज़दीक लाकर जब उसने मेरे उनछुये होठों पर अपने प्यासे होंठ रखे तो मानो मुझे जन्नत मिल गई. कोई एक मिनट तक ही उसने मेरे होठों से होंठ मिलकर रखे. उसके बाद हटा लिए. हटते ही मैंने पूछा अमित दोबारा करो ना, मुझे अच्छा लगा. उसने फिर से मुझे अपने होठों का आनंद दिया. मैं खुश हो गई. उस रात उसने फ़ोन पर मुझे बहुत से किस किये.

मेरे होठों को छोड़ने का नाम ही नहीं ले रहा था. अगले कुछ दिनों तक सब ऐसे ही चलता रहा. वो शाम को मुझे पार्क में किस करता और रात में फ़ोन पर. मुझे बहुत अच्छा लगता. एक दिन उसने कहा कि रुपाली मैं तुम्हें और प्यार करना चाहता हूँ. करने दोगी? मैंने कहा मैं तुम्हें कभी मना नहीं कर सकती. उसने कहा कि वो मुझे अपने दोस्त के यहाँ ले जायेगा, उसका दोस्त अकेला रहता है अपने कमरे पर और जब तक हम दोनों वहां होंगे वो बाहर चला जायेगा. मुझे बहुत डर लगा पर अमित का साथ था तो मैंने हाँ कर ही दी. मुझे बहुत डर लग रहा था पर अमित मुझे समझाता रहा कि कुछ नहीं होगा, मैं तुम्हारे साथ कोई जबरदस्ती को करूंगा नहीं, जो होगा तुम्हारी मर्ज़ी से ही होगा. उसे क्या पता था कि मर्ज़ी उसकी ही चलनी वाली है, मैं तो वैसे ही उसके प्यार में खो गई थी. खैर हम दोनों उसके दोस्त विनोद के घर पहुंचे, घर क्या बस एक कमरा था, एक रसोई घर और एक लगा हुआ टॉयलेट और बाथरूम. थोडी देर हमने साथ बैठकर बातें कि उसके बाद विनोद ने कहा कि अमित यार मुझे काम है मैं शाम को आऊंगा. अभी सुबह के बस ०७:३० ही बजे थे, हमारे पास पूरा दिन पड़ा था. उसके जाते ही अमित ने अन्दर से कमरा बंद कर लिया और कुण्डी लगा ली. मुझे रहत दिलाने के लिए कहा कि रुपाली चिंता मत करो, कुछ चाय पियोगी तो मैं बना दूं? मैंने हाँ में सर हिलाया तो वो चाय बनाने चला गया. मैंने पहली बार नज़र उठाकर दीवार पर देखा तो वहां बड़े बड़े पोस्टर लगे हुए थे. नंगी नंगी लड़कियों के. कुछ तो अपनी चूत को साफ़ साफ़ दिखा रही थी. अमित जैसे ही चाय लेकर वापस आया मैंने पूछा कि यह सब क्या है? उसने कहा कि कुछ नहीं जवान लड़का है उसका दोस्त इसलिए यह सब लगा रखा है. खैर हमने चाय पी. उसके बाद उसने मुझसे पूछा कि क्या वो प्यार कर सकता है मुझे? मुझे तो कोई आपत्ति नहीं थी, मैंने मुस्कुरा कर हामी भर दी, उसका दिल खुश हो गया. झट से वो बिस्तर पर मेरे बगल में आ गया. और मेरे चेहरे को अपने हाथों में भरकर, मेरे होठों को अपने होठों से चूसने लगा. थोडी देर में अपने होठ उसने हटा लिए. मैंने पूछा कि होंठ क्यों हटा लिए अमित, अच्छा नहीं लगा क्या? उसने कहा कि नहीं ऐसी बात नहीं है, वो लेटकर किस करना चाहता है, मैंने कहा कि कोई बात नहीं,लेटकर किस कर लो. मैंने सलवार कमीज़ पहन रखी थी और चुन्नी भी डाली हुई थी. वो मेरे होठों को लेटकर चूमना चाहता था और मैं उसे यह करने देना चाहती थी. उसने मुझे लेटने का इशारा किया तो मैं लेट गई, चुन्नी अभी भी मैंने अपनी छाती पर दाल रखी थी. अमित मुझसे कहने लगा कि रुपाली तुम दुनिया कि सबसे खूबसूरत लड़की हो, यह मेरा सौभाग्य है कि मैं तुम्हें किस कर पा रहा हूँ. मैं उतावली हो रही थी, मैंने कहा कि बाते मत बनाओ, यहाँ आओ और मेरे होठों से अपने होठ लगा दो मुझे मत तड़पाओ. वो आकर मेरे बगल में लेट गया. मेरी ओर करवट ली और मेरे होठों से अपने होठ लगा दिए. हलके हलके छूता रहा और मैं गरम होती रही. फिर धीरे से होठों को छोड़कर मेरी ठोडी और गालों पर किस करता रहा और धीरे से गर्दन की तरफ चला गया. मुझे इतना अच्छा लग रहा था कि पूछो मत. मैंने उसे कहा अमित यहाँ ऊपर आओ ना मेरे होठों कि प्यार बुझाओ. उसने मेरी बात अनसुनी कर दी और गर्दन पर किस करता रहा. मैं उसका मतलब तो समझ रही थी पर मुझे पता था कि मेरी मर्ज़ी के बिना वो जबरदस्ती नहीं करेगा. इसलिए मुझे उसके साथ यह सब करने में डर नहीं लग रहा था. मैंने दोबारा कहा तो वो वापस मेरे होठों कि तरफ आ गया. साइड से लेटकर उसे किस करने में तकलीफ हो रही थी. मैंने पूछा कि अमित साइड से लेटकर किस करने में तकलीफ हो रही है ना? उसने जवाब दिया कि हाँ हो तो रही है, पर तुम्हारे ऊपर आ भी तो नहीं सकता, मैंने कहा पूछकर तो देखो, उसकी आँखों में चमक आ गई. मेरी रजामंदी मिलते ही वो मेरे ऊपर लेट गया, मेरे पैर बंद ही थे और उसके दोनों पैर मेरे दोनों तरफ थे. उसके भार से मेरे बूब्स दब रहे थे. हालाँकि हम दोनों ने कपडे पहने हुए थे फिर भी उसके खड़े हुए लिंग का अहसास मैं कर रही थी. मेरी चूत के थोडा ही ऊपर उसका लिंग कड़क सा लगा हुआ था और वो मेरे होठों को चूमने में व्यस्त था.काफी देर तक चूमने के बाद मैंने कहा कि अमित अब बस भी करो, उसने तुंरत पुछा तुम्हें अच्छा नहीं लगा? मैंने कहा नहीं ऐसी बात नहीं है पर तुम थक जाओगे ऐसे किस करते करते. अब वो मेरे ऊपर से हट गया और हम बिस्तर पर ही बैठ गए. मेरे बूब्स कड़क हो गए थे इसका अहसास तो उसे मेरे ऊपर लेते लेते ही हो गया था.हम ऐसे ही बातें किये जा रहे थे, मैं चाहने लगी थी कि वो मेरे बूब्स मसले, पर मैं उससे ऐसा कह नहीं सकती थी. मैंने अपनी चुन्नी कि एक साइड धीरे से गिरा दी ताकि वो मेरे एक बूब का तो अच्छे से दर्शन कर सके. उसे मेरी टाइट कुर्ती में से मेरे कड़क निप्पल कि झलक मिल गई. उसकी आंखें वहीँ गडी हुई थी. मैंने हारकर पूछ ही लिया, अमित वहां क्या देख रहे हो? देखो सच सच बताना, मुझे सच बोलने वाले बहुत पसंद हैं. उसने तुंरत जवाब दिया कि रुपाली मुझे तुम्हारे बूब्स बहुत पसंद हैं. क्या मैं इन्हें छू सकता हूँ? मेरा मन तो कर रहा था पर पता था कि अगर इजाज़त दी तो वो पता नहीं क्या क्या करेगा. इसलिए झूठा गुस्सा दिखाते हुए मैंने कहा कि तुम बहुत बिगड़ गए हो. यहाँ सिर्फ किस करने के लिए बुलाया था अब बात बदल रही है. ऐसा दिखाया जैसे मैं बहुत नाराज़ हो गई हूँ. वो थोडा घबरा गया. उठकर खडा हो गया और kitchen की तरफ चला गया. मुझे कुछ अजीब सा लग रहा था, मैं उसे इतना प्यार करती थी और कुछ करने नहीं दे रही थी. मैंने अपनी चुन्नी वही बिस्तर पर छोड़ दी और किचन में उसके पीछे चली गई. पीछे से जाकर दोनों बाहें उसकी छाती पर रख दी और अपने बूब्स को उसकी पीठ से कस के दबा दिया, प्यार से उसके कान में कहा कि आई लव यू और उसके कान के पीछे एक किस कर दिया. उसने मेरे हाथों को अपने सीने से हटाया और मेरे पीछे आ गया, अपने हाथ उसने मेरे पेट पर रखे और मुझे अपनी और खींच लिया. अब उसके लिंग को मैं महसूस कर सकती थी अपने नरम नरम चूतड़ों पर. वो मेरी गर्दन पर किस करता रहा और हलके हलके बूब्स के नीचे हाथ फिराता रहा. मेरे निप्पल कड़क होने लगे और चुन्नी ना होने की वजह से उसे दिखने लगे. मैंने उससे कहा अमित please यह बंद कर दो, मुझे घबराहट हो रही है.

पर वो मानने वालो में से नहीं था.हलके हलके मेरे बूब्स मसलता रहा और मेरी गर्दन पर किस करता रहा. एक दम धीरे धीरे धीरे किस कर रहा था वो. मैं सिर्फ कहती रही कि मुझे please छोड़ दो पर मैंने कोई कोशिश नहीं कि खुद को अलग करने के लिए. उसके लिए इतना इशारा काफी था. करीब १० मं बाद जब वो मुझसे अलग हुआ तो मैंने खुद बा खुद उसके हाथों को पकड़कर अपने बूब्स पर रख दिया. अभी तक तो वो मेरे बूब्स के निचले हिस्से को ही हलके हलके मसल रहा था, मैंने उसका हाथ पकड़ कर अपने लेफ्ट बूब के उपरी हिस्से पर रख दिया था. उसने आराम से मेरी नरम स्किन को फील किया, ओहिर अपनी उँगलियाँ घुमाता रहा मेरे बूब्स के ऊपर.

baki baad me likhungi

krn
08-08-2009, 03:26 PM
hy nice

but kitne baad mai likhoge jaldi likho

dilbar
09-08-2009, 11:54 PM
good one man

johaintr
14-09-2009, 12:47 AM
its ok

johaintr
14-09-2009, 01:15 AM
thik hay

johaintr
16-09-2009, 02:10 AM
good one

johaintr
17-09-2009, 01:02 AM
verry nice

johaintr
22-09-2009, 04:08 AM
complit karo man

dostiwithtrust
22-09-2009, 11:35 AM
very good

marvel
22-09-2009, 02:36 PM
good description

RockyA
29-09-2009, 11:00 PM
fantastic