View Full Version : ###भाभी का शर्मिलापन ###.
sexspl1965
22-06-2009, 04:39 PM
बाहर से रश्मी की सास उसे अवाज लगा रही थी " रश्मी, ओ रश्मी कितनी देर हो गई तुम्हें उपर आये अभी तक नहाया नहीं तुमने ? क्या कर रही हॊ?
अन्दर दोनों की फ़टी पड़ी थी और रस्मी तो मारे ड़र के थरथराने लगी थी उसके मुंह से कुछ बोल ही नहीं फ़ूट रहा था। इधर तुषार को काफ़ी समय बाद ये याद आया कि वो दरअसल उपर आया क्यों था।
रश्मी मारे ड़र के तुषार की तरफ़ देखती है, वो मानो नजरों से ही उसे कह रही हो कि बचाव इस मुसीबत से वर्ना दोनों की खास तौर से मेरी तो इज्जत गई। तुषार उसे चुप रहने का इशारा करता है और कुछ क्षण सोचता है फ़िर तत्काल ही अपने सामने खड़ी नंगी रश्मी को अपने दोनों हाथों से उठाता है और बाथरुम की तरफ़ उसे ले जाता है। उसने रश्मी को ऐसे उठाया था कि उसकी पूरी गांड़ तुषार के बांए हाथ में और उसका दाहिना स्तन तुषार के दांये पंजो मे था।
वो उसे उसी तरह उठा कर बाथरुम में ले जाता है और वहीं खड़ी कर देता है और खुद बाल्टी को नल के नीचे रख कर उसे थोड़ा खोल देता है । अब पानी की अवाज कमरे के बाहर जाने लगती है जिससे उसकी सास को ऐसा लगता है कि वो अभी तक नहा रही है। वो बाहर से फ़िर चिल्ला कर कहती है " अभी तक नहाया नही क्या रश्मी तुमने?
रश्मी अभी तक घबराई हुई थी उसे कुछ सूझ नहीं रहा था , तभी तुषार उसके कान में फ़ुसफ़ुसा कर कहता है "बोलो नहा रही हूं , तबियत ठीक नहीं लग रही थी इस्लिये उपर आ कर थोड़ा लेट गई थी"
रश्मी ने घबराहट में तुषार की बात को दोहरा दिया।
अब उसकी मम्मी फ़िर उसे कहती है " कोई बात नहीं बेटा रात को नींद ठीक से नही होने की वजह से ऐसा हुआ होगा। तुम चाहो तो और अराम कर कर के नीचे उतरना। अब नाश्ता बनाने की कोई
जरुरत नही है तुम्हारे पापा आज सबके लिये होटल से नाश्ता ले कर आये हैं। नीचे आ कर खा लेना। और सुनो मैं तुम्हे ये बताने के लिये उपर आयी हूं कि आज दोपहर लग्भग ११:३० बजे हम सभी
एक साथ बाजार जायेंगे और तुषार की सगाई के लिये जो भी खरीदी करनी है कर लेंगे। फ़िर कल राज और उसका बास भी आ जायेंगे तो समय नही मिलेगा । और उसके एक दिन बाद सगाई है न।
contd................
sexspl1965
22-06-2009, 04:41 PM
अब रश्मी जरा संभल जाती है और अंदर से जवाब देती है " जी,मम्मी जी मैं नहा कर नीचे आती हूं और सबका खाना बना देती हूं , मुझे थोडी हरारत जैसा है लेकिन ठीक हो जायेगा।
मम्मी : अरे नहीं बेटा खाना वाना बनाने की कोई जरुरत नही है तुम्हारे पापा कह रहे थे कि आज दोपहर का खाना भी किसी होटल में ही खा लेंगे, समझी । तुम चाहो तो ११:३० तक अराम से तैयार हो कर
नीचे आ जाना ।
रश्मी: जी, मम्मी जी । (तुषार उसके कान में कहता है उसको बोलो की तुम थोड़ा अराम कर के नीचे आओगी) लेकिन वो नहीं बोलती । तुषार तनिक गुस्से में जरा जोर से फ़ुसफ़ुसा कर रश्मी से बोलता है
"बोलती या मैं बोलूं" और वो मुंह खोल कर बोलने का नाटक करता है। रस्मी तुरंत उसका मुंह दबा कर जोर से उसकी कही बात दोहरा देती है। उसकी सास कहती ठीक है बेटा तुम ११:३० तक आराम कर के
नीचे आ जाना , अच्छा मैं जा रही हूं नीचे तुम्हारे पापा नाश्ते के लिये अवाज लगा रहे हैं तुम अराम कर के समय से नीचे पहुंच जाना। ऐसा बोल कर वो वहां से चली जाती है। तुषार और रश्मी दोनों ने उसके
पैरों कमरे से दूर होती अवाज को सुनी और जब उसकी सीढीयों से उतरने की अवाज उसे आने लगी तो तुषार समझ जाता है कि उसकी मां गई और उसका चेहरा खिल उठता है।
अब वो बाथरुम में ही नंगी खड़ी रश्मी को ताबड़्तोड़ चूमना शुरु कर देता है। रश्मी ने जिस तरह से उसकी मां से झूठ बोलने में तुषार का साथ दिया था और उसकी कही बातों को दोहराया था उससे तुषार को समझ आ गया कि इसे अपनी इज्जत बहुत प्यारी है और इसके लिये वो चुद जायेगी लेकिन अपने चुदने का राज किसी को नहीं बतायेगी।
contd..................
sexspl1965
22-06-2009, 04:45 PM
रश्मी के नरम नरम हाथ जब तुषार के लंड़ पर आगे पिछे सरक रहे थे तो उसे एक अजीब आनंद का अनुभव हो रहा था। उसे कभी गुमान भी न था कि रश्मी के हाथों में ऐसा जादू छिपा है। तुषार का लंड़ अब बुरी तरह से कड़्क हो गया था और उसे निचे करना संभव नहीं था इसलिये रश्मी अब उसके लंड़ को उपर से नीचे की तरफ़ सहला रही थी। तुषार अब बुरी तरह से उत्तेजित हो चुका था और लंड में अत्यधिक तनाव के कारण अब वो दुखने लगा था। तनाव और उत्तेजना के कारण उस अब ऐसा लगने लगा था कि यदि इसे जल्द ही इसकी चूत में ना ड़ाला तो ये अब फ़ट जायेगा।
उसने रश्मी के हाथों को अपने लंड़ से अजाद किया और वो रश्मी के और भी सामने आ कर खड़ा हो गया, अब तुशार का लंड़ रश्मी के एकदम मुंह के सामने था । उसने अपना लंड़ रश्मी के गालों में लगाया और वहां उसे रगड़ने लगा। वो रश्मी के पूरे जिस्म में अपना लंड़ रगड़ना चाहता था, अब उसने अपना लंड़ उसके गालों से हटा कर उसके पूरे चेहरे में घुमाने लगा। रश्मी बेहद शर्मसार थी और आंखे बंद किये हुए तुषार की अपने नंगे जिस्म के साथ खिलवाड़ को महसूस कर रही थी।
तुषार अब अपने लंड़ को उसके होठों पर घुमाने लगा मानो वो अपने लंड़ से उसके होठों लिपिस्टिक लगा रहा हो। रश्मी ने अपने मुंह को को जोर से भीच लिया और अपने होठोंं को भी जोर से बंद कर लिया कहीं गलती से तुषार का लंड़ उसके मुंह मे ना घुस जाय। किसी मर्द के लंड़ का अपने मुंह से खिलवाड़ उसके साथ पहली बार हो रहा था , उसे ऐसा लग रहा था कि अभी उसे उबकाई आ जायेगी और वो उल्टी कर देगी। लेकिन ऐसा कुछ हुआ नहीं और कुछ ही क्षणों में वो उसके लंड़ की की अभ्यस्त हो गई।
तुषार ने अपने बांये हाथ से रश्मी के जबड़ो को पकड़ा और उसे तनिक दबाया तो रश्मी का मुंह थोड़ा सा खुल गया और अब तुषार उसके खुले मुंह में अपना लंड़ डालने की कोशीश करने लगा।लेकिन रश्मी ने पूरी तरह से अपना मुंह नहीं खोला था इस्लिये उसे अपना लंड़ उसके मुंह मे डालने में परेशानी हो रही थी। उसने थोड़ा और उसके मुंह को दबाया तो तो उसका मुंह पूरी तरह से खुल गया अब उसने अपना लंड़ उसके मुंह में हौले से ड़ाल दिया और धीरे धीरे उसे काफ़ी गहराई तक उसके मुंह में घुसेड़ दिया । अब रश्मी गॊं गॊं की अवाजे अपने मुंह से निकालने लगी , वो कुछ कहना चाहती थी लेकिन कुछ बोल नहीं पा रही थी क्योंकि तुषार का मोटा लंड़ उसके मुंह में था।
contd................
sexspl1965
22-06-2009, 04:49 PM
तुषार ने अब उसके सर को पिछे से पकड़ा और धीरे धीरे अपनी कमर को हिलाने लगा और अपना लंड़ उसके मुंह में अंदर बाहर करने लगा, रश्मी की आंखे फ़टने लगी क्योंकी तुषार के धक्कों से उसका लंड़ रश्मी के गले तक चला जा रहा था। रश्मी के लिये ये एक बिल्कुल नया और विचित्र अनुभव था , आज से पहले उसने कभी भी किसी पुरुष के लंड़ का स्वाद नहीं चखा था।कुछ देर तक इसी तरह से अपनी कमर हिला हिला कर अपना लंड़ रस्मी के मुंह में ड़ालने के बाद उसने अपनी कमर हिलाना बंद किया और उसने उसके सर के बालों को पिछे से पकड़ लिया और धीरे धीरे उसका सर आगे पिछे करने लगा ।
रश्मी के लिये हालांकि ये बिल्कुल नया खेल था जो उसने आज से पहले कभी नही खेला था इसीलिये पुरुष के लंड़ के बारे में उसके मन में काफ़ी भ्रांतियां थी लेकिन आज तुषार ने जबरन ही सही लेकिन जब उसके मुंह मे अपना लंड़ ड़ाल ही दिया तो शुरुआत में थोड़ी हिचकिचाहट के बाद अब उसे भी तुषार के लंड़ का स्वाद अच्छा लगने लगा था और उसे भी इस खेल में मजा आने लगा था। और
अब अनजाने में ही कब उसका मुंह थोड़ा और खुल गया और उसने तुषार के लंड़ के लिये अपने मुंह में
और जगह कर दी ताकी वो असानी से उसे अपने मुंह में ले सके उसे खुद को पता नहीं चल पाया। लेकिन तुषार ने इसको तुरंत महसूस कर लिया और उसने अप उसके सर को पिछे से हिलाना बंद कर दिया लेकिन रश्मी का सर आगे पिछे हिलना बंद नहीं हुआ वो उसी तरह अपने सर को आंखे बंद किये हिलाते रही और उसके लंड़ को चूसते रही।
रश्मी की आंखे बंद थी और उसने अब इतनी जोर से उसके लंड़ को चूसना शुरु कर दिया कि उसके मुंह पच पच की अवाजे भी आने लगी इतनी जोर से लंड़ को अपने मुंह में भीच लेने के कारण उसके दोनों गालों मे गड्ढे पड़ने लगे थे। पच पच की अवाज के बीच में उसके मुंह से उं उं आह आह की अवाजे निकल रही थी और इधर तुषार आंखे बंद किये अपनी गदराई हसीना के मुख मैथुन का आनंद ले
रहा था उसके मुंह से सी सी की अवाजे निकल रही थी वो प्यार से रश्मी के बालों और पीठ में हाथ फ़ेरने लगा और अत्यन्त कामोत्तेजना में आह आह वाह रश्मी सक इट बेबी बडबड़ाने लगा ।
नंगी रश्मी ड़ागी स्टाइल में पलंग मे थी और तुषार पलंग के नीचे खड़ा था रश्मी के दोनों विशाल स्तन झूल रहे थे तुषार बीच बीच में अपने हाथों से उसकी पीठ को सहलाते हुए उसकी गांड़ो को सहलाने लगा और अपनी एक उंगली को उसकी गांड़ और उसकी चूत के छेद मे मसलने लगा इससे रश्मी की उत्तेजना और बढ़ गई और वो और भी जोरों से उसके लंड़ को चूसने लगी और अब वातावरण में दोनॊं जवान
जिस्मॊ के मुंह से निकलने वाली सिसकियां गुंजने लगी । अ़चानक रश्मी को होश आया कि तुषार ने उसका सर कभी का छोड़ दिया है और वो खुद ही उसका लंड़ चूसे जा रही है वो हड़्बड़ा कर उसका लंड़ चूसना छोड़ देती है लेकिन अब बहुत देर हो चुकी थी और तुषार के सामने उसकी हकीकत जाहिर हो चुकी थी । उसने मारे शर्म के अपनी आंखे बंद कर ली और पलंग पर ही बैठी रही।
contd..............
sexspl1965
22-06-2009, 04:51 PM
तुषार ने अब उसकी तरफ़ गौर करने बजाय उसे हौले से धक्का दिया और उसे पलंग पर धकेल दिया रश्मी अब पलंग पर पीठ के बल पड़ी थी उसका सर एक तरफ़ झुका हुआ था और दाहिना हाथ उपर की तरफ़ उठते हुए उसके सर के पास पड़ा था और दूसरा हाथ उसके स्तन के ठीक नीचे और पेट के ठोड़ा उपर पड़ा था , उसकी आंखे बंद थी और उसके विशाल स्तन उत्तेजना के मारे जोर जोर से हील रहे थे ।
किसी कामतुर मर्द के सामने ऐसी समर्पित बेबाक नग्न सुंदरी पड़ी हो तो उसका उत्तेजना के मारे पागल होना लाजिमी है। तुषार भी रश्मी को इस तरह पड़े देख पागल हो जाता है और वहीं पलंग के पास नीचे बैठ जाता है , वो उसकी दोनों टांगो को फ़ैलाता है और अपना मुंह उसकी चूत में लगा देता है।अब तुषार रश्मी चूत को चूसना शुरु कर देता है उसके मुंह से चप चप चपड चपड की अवाज आने लगती है । रश्मी के मुंह से उत्तेजना के मारे आह निकलने लगती है और वो अपना सर पलंग में इधर उधर घुमाने लगती है अपने दोनों हाथों को उपर कर के वो तकिये के कोनों को जोर से पकड़ लेती है और उसे मसलने लगती है।
तुषार अपने दोनों हाथों को उसकी गांड़ो के नीचे ले जा कर उसे थोड़ा जोर लगा कर उपर उठा देता है अब उसकी चूत और भी असानी से उसके मुंह मे आ जाती है ,तुषार अपने मुंह में ढेर सारा थूक भर कर रश्मी चूत में उंड़ेल देता है इससे उसकी चूत और भी चिकनी हो जाती है |
अब वो उसकी चिकनी चूत की फ़ांको पर अपनी जीभ रगड़ने लगता है और उसके चूत के अंदर के गुलाबी भाग को अपनी जीभ से सहलाने लगता है । रश्मी मारे उत्तेजना के पागल हो जाती है और अपनी चूत जोर जोर से हिलाने लगती है। अब तुषार के लिये उसकी चूत मे मुंह लगाये रखना कठिन हो जाता है तो वो और भी ताकत से अपना मुंह उसकी चूत में लगा देता है और अपनी जीभ उसकी जवान चूत के छेद में ड़ाल कर उसे अंदर बाहर करने लगता है।
इस तरह जीभ के अंदर बाहर होने से रश्मी थरथराने लगती और वो बुरी तरह से उत्तेजित हो जाती है। वो आंखे बंद किये अपना सर तेजी से इधर उधर पटकने लगती है, उसकी बदहवासी ने तुषार को और भी ज्यादा उत्तेजित कर दिया तथा वो और भी अधिक जोश से रश्मी की बुर को चूसने लगता है ।
चूत के के इस बुरी तरह से चूसे जाने के कारण रश्मी का खुद से नियंत्रण पूरी तरह से खतम हो गया था और उसकी चूत से उत्तेजना के मारे चिकना पानी निकलने लगता है, उसके बुर के मादक पानी ने तुषार की उत्तेजना को और भी अधिक बढा दिया । उसके लिये अब अपना लंड़ रश्मी की चूत से बाहर रखना संभव नहीं हो पा रहा था वो अब बुरी तरह से झटके मार रहा था और बुरी तरह से दुखने लगा था, तुषार को ऐसा लगने लगा था कि यदि इसे जल्दी से रश्मी भाभी की चूत में ना ड़ाला तो ये फट जायेगा।
contd..................
sexspl1965
22-06-2009, 04:52 PM
तुषार, रश्मी की जवान बुर के रस का अभी और मजा लेना चाहता था , उसका मन अभी उसकी चूत से भरा नहीं था वो उसे और भी कुछ देर तक चूसना चाहता था लेकिन वो भी अपने लंड़ की बगावत के आगे मजबूर हो जाता है और ना चाहते हुए भी अपना मुंह रश्मी की रसीली चूत से अलग करता है । तुषार पलंग पर चढ़ जाता है और लाल सुर्ख आंखों से अपने सामने पड़ी नंगी पड़ी अपनी रश्मी भाभी के जिस्म कामुक निगाहों से देखने लगता है ,उसके देखने का अंदाज ऐसा था मानो वो उसे अपनी नजरों से ही उसे चोद देना चाहता हो। उसके संपूर्ण शरीर पर भरपूर निगाह ड़ालने के बाद उसकी निगाहें अब रश्मी की उभरी हुई चूत पर जा टिकती है , बिना बालों वाली उसकी चिकनी सलोनी चूत जिसे अभी कुछ ही क्षणों पहले तुषार चूस चूस कर उससे रश्मी की जवानी का रस पी रहा था , वो चूसे जाने के कारण फूल कर बाहर की तरफ उभर रही थी और उसकी दरार साफ़ दिखाई दे रही थी।
रश्मी की चूत अभी भी गीली थी और उसके मन की कामवासना चिकने पानी के रुप में उसकी चूत से बाहर आ रही थी , तुषार ने जैसे ही उसे चूसना बंद किया रश्मी को अपनी चूत में एक अजीब सा खालीपन महसूस होने लगा । उसे महसूस होने लगा कि उसकी चूत में कुछ होना चाहिये जो इस
वक्त नहीं है , चूत के इस खालीपन को भरने के लिये उसकी चूत में एक अजीब सी खुजली होने लगी और उसकी वजह से रश्मी की चूत अपने आप झटके मारने लगी।
रस्मी ने आंखे खोल कर तुशार की तरफ़ देखा तो उसे अपनी चूत को घूरते हुए पाया , तुषार को इस तरह अपनी चूत को घूरते और अपनी चूत के लगातार झटके मारने के कारण वो शर्मा जाती है , उसका चेहरा मारे शर्म के लाल सुर्ख हो जाता है और वो फ़िर से अपनी आंखों को बंद कर अपना चेहरा घुमा लेती है।
रश्मी की शर्म भले ही ना खतम हुई हो लेकिन लगातार कई देर से तुषार के सामने नंगी पड़ी रहने से उसकी झीझक खतम हो चुकी थी और अपनी चूत के झटको से बचने के लिये व्प अब अपने दोनों पैर बिस्तर पर इधर उधर बार बार फ़ैला रही थी इससे उसके नग्न शरीर की मादकता और भी बढ़ रही थी जो तुषार को और भी उत्तेजित कर रही थी ।
अब तुषार ने रश्मी के बिस्तर पर फ़ैले दोनो पैरों को अपने दोनों हाथों से पकड़ लिया और उसे उसे दांए बांए फ़ैला दिया अब उसे रश्मी की चूत साफ़ दिखाई देने लगी , वो अपनी कमर को रश्मी की जांघो के बीच में ले जाता है और अपना लंड़ उसकी चूत पर रगड़्ने लगता है। तुषार का गरम लंड़ अपनी चूत से टकराते ही रश्मी के दिल की धड़्कन तेज हो जाती है, आखिर कई महीनों के बाद उसे किसी मर्द के लंड़ का स्वाद जो मिलने वाला था।
contd........................
sexspl1965
22-06-2009, 04:54 PM
अपना लंड़ रश्मी की चूत में ड़ालने से पहले वो अपना मुंह रश्मी के गालों के पास ले जाता है और उसे बेतहाशा चूमने लगता है, और फ़िर काम की उत्तेजना में उससे कहता है " रश्मी जान आज से तुम सदा सदा के लिये मेंरी हो जाओगी, आज मैं तुम्हें वो सुख दूंगा और ऐसी दुनिया की सैर कराउंगा जिसे पाने के लिये तुम बार बार मेरे पास आओगी। तेरे इस खूबसुरत जिस्म की जरुरत "राज" जैसा इंसान कभी नहीं समझ सकता ।
तुम्हे आज इस बात का अफ़सोस होगा कि तुम इतए महीनों तक इस सुख से वंचित क्यों रही? (अब वो उसे राज के खिलाफ़ भड़्काने से नहीं चूकता था, क्योंकि उसे रश्मी का जिस्म एक दो दिनों के लिये नहीं बल्की जीवन भर के लिये हासिल करना था।) वो आगे बोलना जारी रखता है " कल "राज" आ रहा है न रश्मी तो देख लेना तुम अपने प्रति उसका रवैया ।
रश्मी के गालों को चूमने और उसे "राज" के प्रति भड़्काने के बाद वो वाहां से उठता है और फ़िर से अपना लंड़ उसकी चूत में रगड़्ने लगता है। उसका एक हाथ रश्मी की जांघो और उसकी गांड़ो को सहला रहे थे और दूसरे हाथ से वो रश्मी की छातियों को मसल रहा था । अब तुषार के सहन शक्ति जवाब दे जाती है और वो अपना लंड़ रश्मी की चूत में लगा देता है।
लंड़ के चूत में लगते ही रश्मी सतर्क हो जाती है और आगे होने वाली घटना का अनुभव करते हुए अपनी आंख और होठों को बुरी तरह से भींच लेती है। इधर तुषार भी बेहद उत्तेजित और खुश था आखिर पिछले कई महिनों की उसकी हसरत अब पूरी जो होने वाली थी। वो अपने लंड़ में थोड़ा सा दबाव ड़ालता है और हल्का सा धक्का देता है और अपने लंड़ का सुपाड़ा उसकी चूत में घुसेड़ देता है। कई महीनों के बाद रश्मी की चूत में लंड़ घुसा था सो य्सकी चूत अंदर से सकरी हो गई थी, लंड़ के अंदर जाते ही उसके अंदर एक खलबली मच जाती है और दर्द से उसके मुंह से एक आह निकल जाती है।
कुछ क्षणों तक इसी तरह रश्मी को दर्द से कराहते देख तुषार उसका मजा लेता है फ़िर थोड़ा और धक्का वो अपने लंड़ मे लगाता है तो वो लगभग आधा उसकी चूत में चला जाता है। लंड़ के आधा अंदर जाते ही रश्मी दर्द से बिलबिलाने लग जाती है और कराहने लगती है आह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह उईईईईई मां , मर गई मै तो , मांऽऽऽऽऽऽऽऽऽऽऽऽ, बस करो तुषार सहन नहीं हो रहा है, प्लीज छोड़ दो मुझे , निकलो न उसे बाहर , । उसे इस तरफ़ फ़ड़्फ़ड़ाते हुए देख तुशार को मजा आने लगता है , वो कुछ क्षणों तक उसे इस तरह देखने के बाद अचानक एक जोर का धक्का लगाता है और उसका पूरा का पूरा मोटा लंड़ उसकी चूत में समा जाता है और रश्मी के मुंह से एक चीख निकल जाती है आईईईईईईईईई मांऽऽऽऽऽऽऽऽऽ बचाओ मुझे , उसकी आंखो में दर्द के मारे आंसू आ जाते है लेकिन इन आंसूओं का मर्दों पर कोई कभी असर नहीं पड़्ता।
लंड़ को पूरी तरह से रश्मी की चूत मे उतार देने के बाद तुषार रश्मी के नंगे जिस्म पर लुड़क जाता है और उसे अपनी बाहों मे जकड़ लेता है और अपना मुंह रश्मी के होठों पर लगा देता है , अब वो अपनी कमर को हौले हौले हिलाने लगता जिससे उसका लंड़ रश्मी की चूत में अंदर बाहर होने लगता है।
contd..............
mr.perfect
23-06-2009, 04:27 PM
plz continue it,,
dieing to read further.
dont let us wait its hot man./..
dineshtwn
23-06-2009, 05:44 PM
Best Story I have read ever in Hindi Font. Tks a lot.
sexspl1965
24-06-2009, 11:46 AM
plz continue it,,
dieing to read further.
dont let us wait its hot man./..
Very Very thanks for your comments dear?????????????
sexspl1965
24-06-2009, 11:47 AM
Best Story I have read ever in Hindi Font. Tks a lot.
Thanks dear dineshtwn for nice comments????????????
Titpussy
25-06-2009, 12:19 PM
Maza aa raha hai comeon yaar post next part...........
drritesh
25-06-2009, 03:24 PM
good one
sexspl1965
26-06-2009, 12:42 PM
Maza aa raha hai comeon yaar post next part...........
Thanks my dear titpussy Thanks for...............more Maza aage hai.............
sexspl1965
26-06-2009, 12:43 PM
good one
Thanks dear drritesh for reply...............Thanks...........
mr.perfect
26-06-2009, 05:01 PM
for how much long v hav to wait......
Hotest
27-06-2009, 01:26 PM
aage kaya huwa dear sexspl1965 ,
akiba47
27-06-2009, 03:05 PM
baki kaha hai
sexspl1965
28-06-2009, 02:02 PM
for how much long v hav to wait......
Sorry dear comming shortly
sexspl1965
28-06-2009, 02:03 PM
aage kaya huwa dear sexspl1965 ,
Kay aapko nahi pata hai??????????????????
sorry dor dealay comming soon for next..........
sexspl1965
28-06-2009, 02:05 PM
baki kaha hai
Dear akiba.47 thanks for reply
rest story is going to post
shortly................
sorry for dealy...................
Hotest
29-06-2009, 11:45 AM
Post next part dear..........wtng for long............
rahuljain179
29-06-2009, 05:34 PM
nice story.........post next part plz
abhiraj
02-07-2009, 07:03 PM
Nice story dear
harddick
04-07-2009, 07:33 PM
Hi, Kya story hai. NICE, Ek dum mast.
Par ye jo beech main hi chhod di ye galat hai. Jaldi poori karo yaar.
mr.perfect
05-07-2009, 03:18 PM
plz update is quickly,plz dont let us wait...:sex::clap:
dineshtwn
07-07-2009, 04:27 PM
Fun goes out of the stories if there is such a long break..
rajan_b77
07-07-2009, 04:46 PM
kya mast kahani likhi hai yaar, carry on yaar!
mr.perfect
08-07-2009, 10:56 PM
dont u wana complete it or u jaust wana c ki how much v people r dying to read it further.....
harddick
09-07-2009, 04:42 PM
arey yaar kitna wait karvaoge.
Bahut ho gaya abto
next part jaldi bhejo, pls
number008
09-07-2009, 05:42 PM
are dosto maske marna bandh karo,is chutiyo ko jane do bhaad main,,,,,,,
dineshtwn
11-07-2009, 01:16 PM
Its not his original story. It is taken from another website. Its not complete story yet by original writer as well. I think he must give due
credit to original writer.
Titpussy
28-07-2009, 12:50 PM
ander to dal diya...ab aage bhi kuch karega dude
Joshilo Sambhogi
28-07-2009, 04:36 PM
Original OR Not Original! WHo cares?
Thanks Masal Guru for sharing over here!
johaintr
03-08-2009, 10:15 AM
achhi he chalu rakho
johaintr
03-08-2009, 10:17 AM
khub bahot hi khub good lageraho
johaintr
03-08-2009, 11:03 AM
good keep i up
suneel_kumar8877
07-08-2009, 03:35 PM
keep it up
startng bahut achi diye no doubt
but afsos tum iska end nahi kar paa rahe ho
maddycool
08-08-2009, 04:49 PM
yaar boss age ki story kahan hai
johaintr
10-08-2009, 02:02 AM
nice one i think story should go on
esh89
13-08-2009, 05:05 PM
Amazing
sexspl1965
15-08-2009, 06:32 PM
Thanksssssssssssssssss
deva1000
15-08-2009, 07:21 PM
nice story
KHILADI
16-08-2009, 05:25 PM
Fucking your bhabhi feels so good..
Thankx yaar...
jimmny102
23-08-2009, 02:25 AM
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ashok.blossom
07-09-2009, 02:59 PM
It's not written by you and you did not get the next parts! Well, it's not right to say someone else's work your own! Since you have not written it, you can't complete it either! you should accept your mistake!
johaintr
09-09-2009, 01:13 AM
fine one
johaintr
09-09-2009, 01:17 AM
verry goood
johaintr
09-09-2009, 01:20 AM
nice one give me some more
johaintr
09-09-2009, 01:21 AM
is not complited please do so
anikate.mishra
13-09-2009, 03:04 AM
Boss pura kar bhi do aub
pujaGaram
13-09-2009, 06:17 AM
wwwwwwwwwwwwaaaaaaaaaaaa
reema the golden gir
15-09-2009, 04:08 PM
wow meri jaan tum tushar ban jawo aur mai tumhari bahbhi
reema the golden gir
15-09-2009, 04:08 PM
thoda jaldi update karo yaar
intel
21-09-2009, 03:51 AM
lagta hai agle saal post kerega
yahoo8
17-11-2009, 11:27 PM
http://i50.tinypic.com/1ze8ldu.gif
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