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View Full Version : !!!मौसेरी बेहन (भाग - १)!!!


mentafish
26-11-2009, 10:45 AM
!!!मौसेरी बेहन (भाग - १)!!!

सभी वाचकों को मेरा प्यार भरा नमस्कार| (इस कहानी मै मैंने जगहों के नाम व्यक्तियों के नाम नहीं दिए है जिससे कोई इसे किसी जगह धर्म या अन्य बेकार बातों से न जोड़ सके)
सीधे कहानी शुरू करता हु |
मै एक B.P.O मै काम करता हु| मुझे सब लोग काफी पसंद करते है, घर मै भी ऑफिस मै भी. वैसे तो योन संबंधो के प्रति उत्सुक रहता था पर कभी किसी योनी के दर्शन नहीं हुए थे अब तक (Porn movies छोड़ के)|
खैर बात तब की है जब मेरी office की shift शाम ५ से रात २ की थी| मुझे company की cab ने रात को करीब ३:१५ को घर छोड़ा| मै घर आया देखा तो हॉल मै पापा सोये थे| आम तौर पे वो अपने bedroom मै होते है| मै उनके bedroom मै गया हमारे सबके कपड़ो की अलमारी उन्हीके रूम मै होती है तो मै वहा गया, light on की तो पता चला के मेरी मौसेरी बेहन हमारे घर आई है और वो माँ से बाते करते करते उन्ही के कमरे मै सो गयी होगी| खैर मै fresh होकर अपने mail check करने PC के सामने बैठ गया जो के उन्ही के रूम मै था एकदम बायीं और था बीच मै double bed जिस पे माँ और मेरी मौसेरी बेहन सो रहे थे| मैंने अपने पैरों को सहारा देने के लिए उसे bed पर रख दिया ये सब करते वक़्त मेरा ध्यान mail पढने मै था तो जब मेरे पैरों कुछ छुआ तो मैंने अपने पैर झट से पीछे खिंच लिए!!! दरअसल मेरे पैरों ने मेरी बेहन की जाँघों को छुआ था| और इसीकारण मेरे बदन मै बिजली दौड़ पड़ी| हालांके मैंने अपने पैर पीछे लिए थे लेकिन उन्हें bed से नहीं हटाया था | इसलिए फिर से थोडा साहस बंधाकर मैंने अपने एक पैर के चौड़े को उसकी जांघ पे रखा और उसकी reaction देखने लगा लेकिन वो तो एकदम गहरी नींद मै थी (कम से कम मुझे तो यही लगा)| मैंने अपने पैर से थोड़ी और ताकत लगायी और इस बार अपने पैर के तलवे को उसकी जांघ से ऊपर ऊपर लेता आया| फिर उसके योनी के पास अपने पैर से सहलाने लगा| हालाकि उसने अपने ऊपर चद्दर ओढ़ राखी थी पर फिर भी वो एहसास मुझे अपने heart attack के करीब ले जाने वाला लग रहा था| मेरे पैरो की चाल ने एक और काम कर दिया था वो ये के जैसे जैसे मै अपने पैर को जांघ से ऊपर लिए जा रहा था वैसे वैसे उसकी चद्दर और गाउन दोनों ऊपर आ रहे थे जो की लगभग उसके घुटनों से ऊपर आ चुके थे| वैसे तो मेरी मौसेरी बेहन मुझसे केवल १५ दिन छोटी है लेकिन उसकी शादी जल्द ही कर दी थी| वो ऊँचाई में५ फीट २ या ३ इंच होगी| और शरीर उसका एक साधारण भारतीय लड़की जैसा ही था| जब ये वाकिया हुआ तो वो और में २२ वर्ष के थे| खैर कहानी आगे बढ़ाते है| अपनी जान, इज्जत किसी की भी परवा किये बगैर मैंने एक हाथ उसके बाए स्तन पे रख दिया और उसे सेहलाने लगा| वो तो जैसे घोड़े बेच के सो रही थी| मैंने उसी हाथ से दूसरा स्तन सेहलाना शुरू किया| मैंने पूरी हिम्मत से उसकी गाउन के बटन खोले| उसके गाउन के अन्दर हाथ डाला और उसकी ब्रा जो थोड़ी ढीली थी उसमे से उसके स्तनों को पेहली बार छुआ| वैसे भी कॉलेज की कई लड़कियों के स्तन इन हाथो ने मसले थे लेकिन ये एहसास उन सब से मिलो ऊँचा था| शायद ये एहसास मेरे घर में सब लोग होने के बावजूद मई ये सब कर रहा था इसलिए होगा और वो भी अपनी मौसेरी बेहन से| उसके स्तनों से जितना खेल सका खेला लेकिन ज्यादातर मेरा हाथ मेरी उंगलिया उसके nipples से खेल रहे थे| उसके बाद मेरी समझ आ गया के मै कुछ हदे और पार कर सकता हु| तो मैंने उसके घुटनों तक आई चद्दर को पेहले हटाया, फिर उसके गाउन को जितना ऊपर कर सकता था कीया| और उसकी जांघो को सेहलाने लगा| बोहोत मजा आया| में अपने हाथ को और ऊपर ले गया| मेरा हाथ उसके अंतर्वस्त्रों तक पोहंचा और मैंने उसकी योनी का अंतर्वस्त्रों के ऊपर से पूरा मजा लिया लेकिन मै उसकी योनी को चुना चाहता था और उसके दोनों पैर जुड़े होने के कारण मुझे दिक्कत आ रही थी| फिर तो मैंने सोचा, "ये इतना सब करने से नहीं जगी तो अब क्या जागेगी " और मैंने उसकी बायीं जांघ को अपने दोनों हाथो से उठाकर दोनों पैरो के बीच थोड़ी जगह बनायीं|.... (बाकी अगली बार)

johaintr
01-12-2009, 11:02 PM
hindi font ki bate hi kuch ore hay jaldi se complit karo please